Yoga for Stress Management in Hindi | स्ट्रेस की वजह से हो सकती है कई बीमारियां, ये योगासन हो सकते हैं सहायक

फैशन एंड ब्यूटी
PUBLISHED: November 16, 2023

Yoga for Stress Management – तनाव प्रबंधन के लिए योग

स्ट्रेस हमारी शरीर के लिए बहुत खतरनाक होता है।(Yoga for Stress Management)कुछ इस वजह से हाइपरटेंशन दिल की बीमारियां जैसी कई कठिनाई हो सकती है। लेकिन हमारी लाइफस्टाइल की वजह से स्ट्रेस को बिल्कुल समाप्त तो नहीं किया जा सकता लेकिन इसे मैनेज जरूर किया जा सकता है। (Yoga for Stress Management)स्ट्रेस कम करने में योग मददगार है। जानें किन आसनों की मदद से स्ट्रेस को कम किया जा सकता है।स्ट्रेस का प्रबंधन करने के लिए योग एक अच्छा तरीका हो सकता है। योग का अभ्यास करने से शारीरिक, मानसिक, और आत्मिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। यहां कुछ योगासन हैं(Yoga for Stress Management in Hindi) जो स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकते हैं:

बालासन –Balasana

Balasana - kphhealthtips

बालासन  या चाइल्ड पोज योगा का एक आसन है (yoga for stress management)जो आपको शांति प्रदान करने में मदद कर सकता है। कुछ यह आसन आपके मानसिक और शारीरिक स्थिति को सुधारने में सहारा प्रदान करता है। यह आपकी पीठ को सही से स्ट्रेच करने में मदद कर सकता है और हिप्स को भी स्ट्रेच करने का अवसर प्रदान कर सकता है।

यहां बालासन को करने के लिए चरणों का विवरण है:

  • आराम से बैठें: एक योग मैट पर सीधे बैठें और अपने शिरा को सीधा रखें।
  • जांघों को सीधा करें: अपनी जांघों को मैट पर सीधा रखें और पैरों की ऊपरी भाग को फैलाएं।
  • उच्च बैठें: अपने हिप्स को अव्यापक करें और उच्च बैठें, सांसें धीरे-धीरे और गहरी लें।
  • हाथों को आगे बढ़ाएं: अपने हाथों को सीधा आगे बढ़ाएं और मैट पर फैला दें, ज्यादा से ज्यादा संभव हो, ताकि शीर्षक और हाथ मैट पर हों।
  • आराम से श्वास लें: आराम से श्वास लेते रहें, धीरे-धीरे अपने आत्मा को स्थिरता और शांति के साथ जोड़ें।

आप बालासन को 1-5 मिनट के लिए बनाए रख सकते हैं (yoga and stress management)कुछ और धीरे-धीरे समय बढ़ा सकते हैं जैसे कि आपकी तात्कालिक आराम और स्थिति के अनुसार। ध्यान रखें कि हमेशा आसन करते समय सुरक्षित रहना बहुत महत्वपूर्ण है और यदि कोई दिक्कत आती है, तो तुरंत आसन को छोड़ दें।

उत्तासन – Uttanasana

Uttanasana - kphhealthtips

उत्तासन  एक योगासन है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है।(benefits of yoga in stress management) इसे करने के लिए निम्नलिखित कदमों का पालन करें:

  • शुरुआती स्थिति: एक योगमाट या कट्टी पर खड़े हों। अपने पैरों को हड्डियों की चौड़ाई के समान रखें। हड्डियों के बीच की दूरी बड़ाएं या घटा लें, यदि आवश्यक हो।
  • स्थिति से हटें: अपने श्वास को धीरे-धीरे लो, और शरीर को बाहर की ओर झुकाएं। अपने हैंड्स को नीचे जाकर मैट पर रखें या अगर संभावना हो, तो पैरों के पास ही रखें।
  • सीधा रखें: कम से कम जोर से अपने पैरों के समीप के मामूल्य स्थान को छूने का प्रयास करें। आपके पैर सीधे रहने चाहिए, अगर संभावना हो, तो आपकी टोंगे पूरी तरह सीधी होनी चाहिए।
  • उपविष्ट करें: नाभि को अपने थाइज़ के समीप लाएं और सीधे रहें। कंधों को सीधा रखें और अपनी गर्दन को लचीला रखें।
  • ध्यान रखें: धीरे-धीरे श्वास लें और ध्यान रखें कि आपकी शारीरिक स्थिति सुधार रही है और आप संबलित हैं।
  • समय: इस स्थिति में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें, और फिर धीरे-धीरे उठें।

यदि आपको इस आसन में किसी भी प्रकार की कठिनाई महसूस हो रही है,(importance of yoga in stress management) तो आप एक योग गुरु की मार्गदर्शन में इसे कर सकते हैं। ध्यान रखें कि योग का अभ्यास धीरे-धीरे बढ़ता है और आपको अच्छे परिणाम दिखने में समय लग सकता है।

विपरीत करणी – Viparīta karaṇī

Viparīta karaṇī - kphhealthtips

विपरीतकरण या उल्टा पलटना एक योगासन है जिससे आप शारीरिक स्थिति में बदलाव कर सकते हैं (yoga to reduce stress)और शारीरिक सुधार हो सकता है। इसे सही तरीके से करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  • शुरुआत में संयमपूर्वक: यदि आप नये हैं इस आसन के लिए, तो धीरे-धीरे शुरुआत करें। अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए ध्यान दें कि यह आसन आपको कंधे, पीठ, और पैरों को सही से स्थानांतरित करने का प्रशिक्षण देता है।
  • सही स्थिति में स्थिति: आसन को सही ढंग से करने के लिए, एक स्थिर और चौकस साल चुनें। आपके पैरों को हिप्स की चौड़ाई के बराबर रखें और हड्डीयों को सीधा रखें।
  • प्राणायाम का लाभ: अपने ध्यान को अपनी सांसों पर लगाएं। गहरी और धीरे सांस लें और उसे बाहर छोड़ें।
  • स्थिति को बनाए रखें: आपको इस आसन को कम से कम 15-30 सेकंडों तक बनाए रखना चाहिए, या जब तक आपको आराम मिले।
  • सावधानियां: अगर आपमें किसी प्रकार की दिक्कतें हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें और योग शिक्षक के नेतृत्व में ही योग आसन करें।

शवासन – Shavasana

Shavasana - kphhealthtips

शवासन या योगिक निद्रा एक आसन है जो शारीरिक और मानसिक संबंधों को सुधारने में मदद कर सकता है।(stress management through yoga) इसे ठंडा कार्य कहा जाता है, क्योंकि इस आसन के दौरान आप बिल्कुल शांत और ठंडे मन से रहते हैं। यहां शवासन को कैसे करें, इसका वर्णन दिया गया है:

  • स्थिति लेना: किसी भी योग आसन की तरह, शवासन भी सही स्थिति में होता है। एक योगमाट या कम्फर्टेबल चटाई पर लेट जाएं। पैरों को थोड़ा फैला दें और आपस में थोड़ा दूर रखें, हौंसला रखते हुए। हड्डियों को सीधा रखें और हाथों को शरीर के पास रखें, पालम्स ऊपर की ओर।
  • विश्राम करें:आंखें बंद करें और धीरे-धीरे श्वास लें। यह आपको ध्यान में मदद करेगा और शांति बनाए रखेगा। शरीर के हर हिस्से को एक-एक करके ठंडा करें, मानसिक रूप से शांत होने की कोशिश करें।
  • ध्यान दें: शवासन का मुख्य उद्देश्य ध्यान है। शांति और चेतना के साथ अपनी सांसों का ध्यान दें। उच्च स्थिति में रहकर, अपनी सांसों को सही तरीके से लें और उन्हें ध्यानपूर्वक छोड़ें।
  • समय: शवासन को 5 से 15 मिनट तक कर सकते हैं, या जितना आपको ठीक लगे। इसे धीरे-धीरे बढ़ाते हुए अपनी सीमा को बढ़ा सकते हैं, लेकिन पहले यह सुनिश्चित करें कि आप ठंडे मन से हैं।

शवासन को नियमित रूप से करने से तनाव, चिंता, और थकाने में सुधार हो सकता है, और यह मानसिक स्थिति को भी सुधार सकता है। कुछ ध्यान और समर्पण के साथ शवासन को अपनाकर, आप अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।

पश्चिमोतान आसन – Paschimottanasana

Paschimottanasana - kphhealthtips

पश्चिमोतान आसन योग में एक प्रमुख आसन है जो पूरे शरीर को स्त्रेस से राहत प्रदान करने के लिए जाना जाता है, साथ ही पाचन क्रिया को सुधारने में मदद करता है। यहां इस आसन को कैसे किया जा सकता है, इसका वर्णन दिया गया है:

कैसे करें:

  • बैठें: सीधे रूप से ज़मीन पर बैठें, और अपने पैरों को आगे की ओर फैलाएं। धीरे-धीरे अपने पैरों की ऊपरी सतह को देखने के लिए आगे की ओर झुकें।
  • आसन का आदर्श प्रारूप: धीरे-धीरे आगे झुकते हुए, अपने हाथों को पैरों की ओर बढ़ाएं। अगर आप अपने पैरों की उंगलियों को छू नहीं पा रहे हैं, तो कम से कम कहीं भी छूने का प्रयास करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं।
  • ध्यान रखें:ध्यान रखें कि पूरे कार्य को सहजता और ध्यान से किया जा रहा है। सास बाहर निकालें जब आगे की ओर झुक रहे हैं और सास अंदर लें जब पीछे उठ रहे हैं।
  • स्थिति में रहें: आपको अच्छा लगे तो आसन को बनाए रखें, कुछ सांस लेते रहें और शांति में बने रहें। 20-30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें और धीरे-धीरे वापस उठें।
  • सावधानियां: जिन लोगों को पीठ, कमर या हाथ में चोट लगी हो, वे इस आसन को न करें। हार्ट अटैक, हार्ट रोग, या इससे जुड़ी अन्य समस्याएं होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

इस आसन को नियमित रूप से करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकती है। हमेशा ध्यान दें कि योग आसनों को सही तरीके से करना जरूरी है, और अगर किसी भी समय असुविधा महसूस हो, तो तुरंत आसन को छोड़ दें।

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